श्रीनगर , जुलाई 10 -- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि सालाना अमरनाथ तीर्थयात्रा के पहले आठ दिनों में लगभग 1.70 लाख तीर्थयात्रियों ने पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किया।

उन्होंने यात्रा को सुचारु एवं परेशानी मुक्त बनाने का श्रेय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल को दिया। गांदरबल में बालटाल आधार शिविर में चल रही तीर्थयात्रा का अवलोकन करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, सेना, सुरक्षा बलों, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और अन्य संबंधित पक्षों ने सालाना तीर्थयात्रा का सुचारू संचालन करने के लिए पूर्ण तालमेल से काम किया है।

श्री सिन्हा ने पत्रकारों से कहा कि आज श्री अमरनाथजी यात्रा का आठवां दिन है और अब तक लगभग 1,70,000 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किये हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में बिना पूर्व पंजीयन वाले काफी संख्या में श्रद्धालु आये थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी परेशानी के ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी कर उनके ठहरने की व्यवस्था की।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की जा रही है कि सभी तीर्थयात्री सुखद अनुभव के साथ घर लौटें और उन्हें भरोसा है कि देश के हर कोने से आने वाले श्रद्धालु अपनी तीर्थयात्रा की सुखद यादें अपने साथ लेकर जाएंगे।

श्री सिन्हा ने तीर्थयात्रियों से अपील किया कि वे अपनी सुरक्षा एवं यात्रा को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन एवं श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

उपराज्यपाल ने कहा, " पूरा प्रशासनिक तंत्र आपकी मदद के लिए 24 घंटे काम कर रहा है। किसी तरह की परेशानी होने पर कृपया तुरंत नज़दीकी कैंप निदेशक या तैनात सुरक्षा कर्मियों को सूचित करें, आपको प्राथमिकता के आधार पर हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।"यात्रा के दोनों मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि बालटाल और चंदनवाड़ी में 100-बिस्तर वाले दो पूर्ण संचालित अस्पताल तीर्थयात्रियों एवं सुरक्षा कर्मियों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

उनके अनुसार, अस्पताल प्रतिदिन औसतन 1,300 से 1,400 बाहरी रोगियों का इलाज कर रहे हैं और तीर्थयात्रा के लिए तैयार स्वास्थ्य संरचना का एक अहम हिस्सा बन गये हैं।

श्री सिन्हा ने कहा कि अस्पताल तीर्थयात्रियों एवं मार्गों पर तैनात समर्पित कर्मचारियों दोनों की सेहत को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इससे पहले, उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आधार शिविर अस्पताल, मौके पर पंजीयन काउंटर, टेंट एवं अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे तीर्थयात्रा के अनुभव को सुगम एवं यादगार बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करें।

उपराज्यपाल ने कहा, " श्री अमरनाथजी के भक्तों की सुविधा सबसे ज़्यादा आवश्यक है। पंजीयन से लेकर ठहरने की व्यवस्था तक और आसानी से आने-जाने से लेकर दर्शन तक, यात्रा का हर चरण बिना किसी रुकावट के पूरा होना चाहिए। श्राइन बोर्ड और इसमें शामिल सभी विभाग इस आध्यात्मिक यात्रा को सभी के लिए सुरक्षित, आसान एवं यादगार अनुभव बनाने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। "उपराज्यपाल ने कहा कि श्री अमरनाथजी यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक जीवन में परिवर्तन ला रही है बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन को भी बेहतर बना रही है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं, सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरों एवं निस्वार्थ भाव से लंगर चलाने वाले स्वयंसेवकों से बातचीत की।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों से ज़्यादा पैसे वसूलने या धोखाधड़ी से पंजीयन करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाये, चाहे वह सेवा प्रदाता हो, सरकारी कर्मचारी हो या किसी संस्था से जुड़ा हुआ कोई व्यक्ति हो किसी को भी न बख्शा जाये। उन्होंने कहा कि तुरंत मामला दर्ज किया जाये।

उपराज्यपाल ने सभी सफाई व्यवस्थाओं के व्यापक ऑडिट पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे बिना किसी रुकावट के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

अनंतनाग ज़िले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग एवं गांदरबल ज़िले में छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से 58 दिनों तक चलने वाली सालाना अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित