नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- कजाकिस्तान के अस्ताना में 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाली वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के लिए, एशियाई खेलों के चैंपियन सुजीत कलकल भारतीय टीम का मुख्य आकर्षण होंगे। यह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप बैरिस एरिना में आयोजित की जाएगी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन श्रेणियों में 10-10 भार वर्ग शामिल होंगे।

ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत और दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वालीं अंतिम पंघाल ने इस प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया है। एशियाई खेल 2026 में रजत पदक जीतने वालीं अंतिम पंघाल इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगी, जबकि आइची-नागोया में स्वर्ण पदक जीतने वाले अमन सहरावत कंधे और टखने की चोट से जूझ रहे हैं।

ओलंपियन दीपक पुनिया, जिन्होंने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था, वे भी कंधे की चोट के कारण इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वहीं, सुजीत पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे और भारत की ओर से पदक के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक के रूप में अस्ताना पहुंचेंगे।

23 वर्षीय भारतीय पहलवान ने इस महीने की शुरुआत में एशियाई खेलों का खिताब जीता था। उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को हराया और स्वर्ण पदक के मुकाबले में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।

सुजीत ने 9-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए कुदिएव को 10-9 से हराया। इस जीत के साथ, उन्होंने अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है; इससे पहले वे एशियाई चैंपियनशिप और अंडर23 वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब भी जीत चुके हैं। यह भारतीय खिलाड़ी वर्तमान में यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग में दुनिया का नंबर 2 पहलवान है। वह ईरान के मौजूदा विश्व चैंपियन रहमान अमूज़ाद से पीछे है। अमूज़ाद ने एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन अस्ताना में 65 किग्रा भार वर्ग के कड़े मुकाबले में वह सुजीत के मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में से एक होंगे।

एशियाई खेलों के लिए भारत की 15 सदस्यीय कुश्ती टीम में से केवल पांच खिलाड़ी ही विश्व चैंपियनशिप की टीम का हिस्सा हैं - सुजीत, सागर जगलान, मनीषा भनवाला, सुनील कुमार और नितेश सिवाच।

एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में पदक जीतने वाले नितेश सिवाच और सुनील कुमार भी अस्ताना में भाग लेने वाले प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों में शामिल होंगे।

नितेश ने आइची-नागोया में 97किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीता था। यह 64 वर्षों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत का पहला एशियाई खेल रजत पदक था। वहीं, सुनील ने 87किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता और वे एशियाई खेलों में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए।

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