नयी दिल्ली, 0 1 जुलाई (वार्ता) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए कथित हमले की निंदा की और पश्चिम बंगाल पुलिस पर आरोप लगाया कि वह निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद कार्रवाई करने में विफल रही है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक संदेश में श्री बनर्जी ने कहा कि घटना के बाद पुलिस की चुप्पी ने "गंभीर सवाल" खड़े कर दिये हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को उचित सुरक्षा प्रदान करने के उच्च न्यायालय के हालिया निर्देश का जिक्र करते हुए कहा, "मैं सांसद महुआ मोइत्रा पर हुये हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इस संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है।"मौजूदा स्थिति पर तंज कसते हुए श्री बनर्जी ने पूछा, "क्या परिवर्तन ऐसा ही दिखने के लिए था?" अपनी पार्टी की सहयोगी के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दबाव के आगे झुकने से इनकार करने पर किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के साथ बदसलूकी करना ताकत की नहीं बल्कि कमजोरी की निशानी है।
श्री बनर्जी ने कहा, "जब किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के साथ सिर्फ इसलिए बदसलूकी की जाती है क्योंकि वह झुकने से इनकार कर देती है, तो यह ताकत का प्रदर्शन नहीं है। यह असुरक्षा और कायरता का प्रमाण है।" तृणमूल कांग्रेस नेता ने यह चेतावनी भी दी कि राजनीतिक सत्ता स्थाई नहीं होती। डराने-धमकाने जैसे कृत्यों को भुलाया नहीं जायेगा।
उन्होंने कहा, "आज की राजनीतिक सत्ता को स्थाई छूट समझने की भूल न करें। अधिकार का हर दुरुपयोग एक निशान छोड़ जाता है। डराने-धमकाने के हर कृत्य को याद रखा जाता है। राजनीति की लहर कई लोगों की उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से बदलती है।"श्री बनर्जी की यह टिप्पणी कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए कथित हमले के बाद आयी है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहा है।
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