कोलकाता , मई 30 -- तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन पर जानलेवा हमला था और इसके पीछे गहरी साजिश रची गयी थी।
श्री बनर्जी को पहले पूर्वी महानगरीय बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें दक्षिण कोलकाता के मिंटो पार्क के निकट स्थित एक अन्य गैर-सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
डायमंड हार्बर से सांसद श्री बनर्जी को बाद में बेलव्यू क्लिनिक ले जाया गया। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पहले अस्पताल ने सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व के दबाव में उन्हें उचित उपचार नहीं दिया।
मीडिया के समक्ष अपना टूटा हुआ चश्मा दिखाते हुए श्री बनर्जी ने कहा, "वे मुझे मारना चाहते थे।" उन्होंने पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि घटना को रोकने में पूरी तरह विफलता रही।
तृणमूल नेता ने सोनारपुर के स्थानीय निवासियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया था और हमले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। श्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि हिंसा को अंजाम देने वाले लोग बाहरी थे, जिन्हें भाजपा ने सुनियोजित राजनीतिक अभियान के तहत क्षेत्र में लाया था।
यह घटना उस समय हुई जब वह दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर जा रहे थे, जहां उन्हें चुनाव बाद की हिंसा में कथित रूप से मारे गये तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात करनी थी।
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