पटना , जून 11 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि अभियान बसेरा-2 के तहत सर्वेक्षित किसी भी पात्र वासभूमिहीन परिवार को लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 जून से 21 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाकर शेष सभी पात्र परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक गरीब और वासभूमिहीन परिवार को सम्मानपूर्वक रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। विभागीय समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत सर्वेक्षित कई परिवारों को अब तक बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी भूमि, विशेषकर गैरमजरूआ खास एवं गैरमजरूआ आम भूमि पर वर्षों से बसे हुए वासभूमिहीन परिवारों की तत्काल जांच कर उनका सर्वेक्षण पूरा किया जाए तथा पात्र पाए जाने पर उन्हें अभियान बसेरा-2 के तहत बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में इस कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी और प्रगति की समीक्षा मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर बसे सर्वेक्षित परिवारों को नियमानुसार अधिकतम पांच डिसमिल भूमि का बंदोबस्त किया जाएगा। वहीं जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के तहत न्यूनतम तीन डिसमिल रैयती भूमि खरीदने के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान की अवधि के दौरान प्राप्त लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए। गरीबों को वासभूमि उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए अभियान को अतिआवश्यक श्रेणी में निष्पादित करने को कहा है।
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