भोपाल , सितंबर 15 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नया मार्ग विकास का रोडमैप तैयार करता है और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं भी खोलता है। उन्होंने प्रदेश में सीमेंट का उपयोग किए बिना सड़कें बनाने की पहल को सराहनीय बताते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने स्तर पर बजट जुटाकर सड़कें बनाने के निर्णय को भी अच्छा बताया।

डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में अभियंता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने इंजीनियरिंग को नई दिशा दी। अभियंता में इंजन जैसी क्षमता होती है, जो विकास कार्यों को आकार देती है। उन्होंने कैलाश पर्वत की चट्टानों को काटकर किए गए निर्माण का उदाहरण देते हुए उस दौर की कला और कौशल का उल्लेख किया। उन्होंने नए और पुराने संसद भवन में मुरैना और विदिशा के पत्थरों तथा कला के उपयोग का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने अभियंताओं को पांच तरह के पुरस्कार देकर उनके कार्यों को सम्मानित किया है। कार्यक्रम में 95 और 86 वर्ष की उम्र के सेवानिवृत्त अभियंताओं का भी सम्मान किया गया।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि अभियंताओं का काम चुनौती देखकर रुकना नहीं, बल्कि समाधान तलाशना है। अभियंता की कार्यप्रणाली के लिए खोजी स्वभाव, अनुशासन और परफेक्शन जरूरी है। सकारात्मक विचारों को दबाने के बजाय उन पर मंथन कर उन्हें आकार दिया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अभियंताओं की ट्रेनिंग का काम नौ महीने में 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बिना प्रशिक्षण के अभियंता नई चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते।

श्री सिंह ने बताया कि विभाग सीएसआईआर-एएमपीपीआरआई के साथ सीमेंट विहीन कांक्रीट के उपयोग के लिए समझौता करेगा। इसके तहत कुछ सड़कें संस्थान को दी जाएंगी, जहां बिना तराई के भी बेहतर सड़क निर्माण की तकनीक का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के इस नवाचार को ओडिशा ने भी अपनाया है, जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि अभी एमपीआरडीसी करीब 30 हजार करोड़ रुपये के काम करा रहा है। आने वाले समय में यह राशि बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये के काम कराने का लक्ष्य है। उन्होंने अभियंताओं के लिए निर्माण को जिम्मेदारी, लोक कल्याण को लक्ष्य, गुणवत्ता को पहचान, नवाचार को शक्ति और तकनीक को भविष्य बताया।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि एमपीआरडीसी ने कई स्थानों पर फ्लाईओवर और बायपास बनाकर ब्लैक स्पॉट खत्म किए हैं। वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए बेहतर प्लानिंग, एक्जीक्यूशन और नवाचार पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़कें उद्योगों की धड़कन हैं और युवाओं को कार्यस्थल तथा किसानों को मंडी तक पहुंचाती हैं। प्रदेश में 440 से अधिक ब्लैक स्पॉट हैं। उन्होंने बताया कि 2025 और 2026 में जनवरी से सितंबर तक के नौ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।

'लोक निर्माण से लोक कल्याण' की अवधारणा पर आयोजित समारोह में पांच श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए गए। इनमें मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार, विश्वकर्मा पुरस्कार, विक्रमादित्य पुरस्कार, रानी दुर्गावती पर्यावरण हितैषी पुरस्कार और राजा भोज पुरस्कार शामिल हैं।

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