पटना , दिसंबर 22 -- विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को कहा कि अभिभावक बच्चों पर अपनी आकांक्षायें न थोपें और उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करें।

श्री कुमार ने आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को समर्पित राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह कहा कि बच्चों के पहले गुरु उनके माता- पिता होते हैं, विशेषकर इस कार्य में मां की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करें।

इस दौरान शिक्षा मंत्री ने रामानुजन के संघर्षों और आधुनिक विज्ञान में उनके योगदान को याद करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव खासतौर पर महिला शिक्षा पर पड़ा है।

इस समारोह में कक्षा छह से 12वीं तक के 533 मेधावी छात्र- छात्राओं को सम्मानित किया गया। ये सभी छात्र श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च इन मैथमेटिक्स परीक्षा- 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर शामिल थे।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका होगी। इसी दिशा में राज्य में साइंस सिटी और आधुनिक तारामंडल जैसी सुविधायें विकसित की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी, पटना के लिये एसबीआई पोर्टल के माध्यम से ई- टिकटिंग सेवा का शुभारंभ भी किया।

इस अवसर पर विभाग की सचिव डॉ प्रतिमा ने बताया कि इस परीक्षा में हर वर्ष राज्यभर से 60 हजार से एक लाख तक छात्र- छात्रायें पंजीकरण कराते हैं। टॉप करने वाले विद्यार्थियों को राज्य और जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि बिहार में साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और अब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिये बाहर जाने की मजबूरी नहीं रही।

समारोह में राज्य स्तर के 21 टॉपरों को लैपटॉप, प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किये गये। जिला स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और मेडल दिये गये। सभी चयनित विद्यार्थियों को यात्रा सहायता राशि भी प्रदान की गई। इस मौके पर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।

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