मुंबई , जुलाई 30 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मीडिया संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों को दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता राजेश खन्ना के बांद्रा स्थित प्रसिद्ध बंगले 'आशीर्वाद' को "भूतिया", "शापित" या "अशुभ" के रूप में वर्णित करने से रोक लगायी है।
न्यायालय ने कहा कि इस तरह की खबरें प्रथम दृष्टया मानहानिकारक हैं और संपत्ति के मालिक के सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार का उल्लंघन करती हैं। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर ने 24 जुलाई को पारित अपने अंतरिम आदेश में बंगले के वर्तमान मालिक और व्यवसायी शशि शेट्टी को राहत प्रदान की। याचिका में आरोप लगाया था कि मूल ढांचे को ढहाकर नया निवास स्थान बनाने के बावजूद कई लेख, वीडियो और ऑनलाइन पोस्ट में इस संपत्ति को लगातार 'भूतिया' बताया जा रहा है।
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