नयी दिल्ली, जून 24 (वार्ता) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी तथा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की और उनसे अभाविप के संगठनात्मक विस्तार, विद्यार्थियों के हितों के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों तथा विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की।

यह पहली है , जब श्री राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति का पद ग्रहण करने के बाद अभाविप के किसी प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति से पंजाब विश्वविद्यालय की शासी परिषद में विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व, छात्रावास विस्तार तथा रिक्त पड़े शैक्षिक पदों पर पारदर्शी नियुक्ति प्रकिया को लेकर बातचीत की।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने राष्ट्र पुनर्निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका, उच्च शिक्षा से जुड़े समसामयिक विषयों तथा अभाविप द्वारा देशभर में संचालित विविध आयामों और अभियानों पर चर्चा की।

अभाविप की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अभाविप के संगठनात्मक विस्तार, विद्यार्थी हितों के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों तथा राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को बताया कि विद्यार्थी परिषद द्वारा संचालित दूसरे राज्य में रहने का विद्यार्थियों के अनुभव (एसईआईएल ) कार्यक्रम अपने 60 वर्ष पूर्ण कर रहा है। छह दशकों से संचालित यह अभियान देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के मध्य भावनात्मक एकात्मता, सांस्कृतिक संवाद तथा राष्ट्रीय समरसता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने युवाओं के मध्य बढ़ती डिजिटल निर्भरता की चुनौती का उल्लेख करते हुए अभाविप के 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' अभियान की जानकारी भी साझा की। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल और स्क्रीन आधारित जीवनशैली से बाहर निकालकर खेल, शारीरिक गतिविधियों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं रचनात्मक सहभागिता की ओर प्रेरित करना है। इस दौरान आगामी समय में आयोजित होने वाले विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों और कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष, संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव वर्ष तथा वीरांगना रानी अबक्का के अद्वितीय योगदान पर केंद्रित देशव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की। साथ ही, महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभाविप के प्रमुख अभियान 'मिशन साहसी' के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी देते हुए इसके अगले चरण को पुनः देशव्यापी स्तर पर प्रारंभ किए जाने की योजना से अवगत कराया गया।

अभाविप के चर्चा के प्रमुख बिंदु के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की शाही परिषद में निर्वाचित विद्यार्थी प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व प्रदान किए जाने, बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप छात्रावास अवसंरचना के विस्तार, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित एवं समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए योग केंद्र तथा स्थायी परामर्शदाताओं से युक्त विद्यार्थी कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र की स्थापना का विषय भी प्रमुखता से रखा गया।

श्री सोलंकी ने कहा कि, "उपराष्ट्रपति के साथ हुई यह भेंट अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायी रही। चर्चा के दौरान अभाविप के विविध संगठनात्मक कार्यों, एसईआएल के 60 वर्ष पूर्ण होने, 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम' अभियान, 'मिशन साहसी' सहित विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा राष्ट्र जीवन में उनकी सकारात्मक भूमिका से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ। साथ ही, पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता से रखा गया। विश्वविद्यालय की सीनेट में विद्यार्थी प्रतिनिधित्व, छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के केंद्र की स्थापना तथा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग केंद्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अभाविप का स्पष्ट मत है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, पर्याप्त मूलभूत विद्यार्थी सुविधाएँ तथा सहभागी एवं पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। हमें विश्वास है कि उपराष्ट्रपति महोदय के साथ हुआ यह सार्थक संवाद विद्यार्थी हितों, युवा सशक्तीकरण, राष्ट्रीय पुनर्जागरण तथा पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को नई गति प्रदान करेगा।"प्रतिनिधिमंडल में अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा, सुश्री पायल किनाके, श्री आदित्य तकियार, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व सचिव मित्रवृंदा कर्णवाल एवं पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल उपस्थित रहे।

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