नयी दिल्ली , दिसंबर 18 -- राज्य स्तर पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के एकीकरण के बाद सरकार ने अब उनके लिए नया लोगो जारी किया गया है।

वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह लोगो राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के साथ मिलकर जारी किया गया है। यह देश में काम कर रहे सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के लिए एकीकृत ब्रांड पहचान स्थापित करेगा। इससे उनकी पहचान और विजिबिलिटी मजबूत होगी।

इस लोगों में एक लौ है जो तीन स्तरों से मिलकर बनी है। मंत्रालय ने बताया कि यह लौ ऊष्मा, ज्ञान और ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाने का संकेत देती है। यह लौ ऊपर की तरफ जा रही है जो प्रगति का प्रतीक है और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं में विकास, उन्नति तथा प्रगति को दर्शाता है।

इसमें हाथ भी दिख रहा है जो संरक्षण और पोषण का प्रतीक है। यह ग्रामीण समुदायों के प्रति देखभाल, सहयोग और सहायता का संदेश देता है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरआरबी के लोगो के रंग भी उनके उद्देश्यों को दर्शाने के लिए चुने गये हैं। गहरा नीला रंग वित्त और विश्वास का प्रतीक है, जबकि हरा रंग जीवन और विकास का संकेत देता है, जो ग्रामीण भारत की सेवा के उनके मिशन को प्रतिबिंबित करता है।

मंत्रालय ने कहा है कि सरकार द्वारा की गई यह साझा ब्रांडिंग पहल आरआरबी को देशभर में एक विशिष्ट, आधुनिक और आसानी से पहचानी जाने वाली ब्रांड पहचान प्रदान करने की अपेक्षा रखती है। यह वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उल्लेखनीय है कि "एक राज्य-एक आरआरबी" के सिद्धांत के अंतर्गत, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 11 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) का एकीकरण किया है जो 01 मई 2025 से प्रभावी हो गया है। वर्तमान में देश भर में 28 आरआरबी कुल 700 से अधिक जिलों में फैली 22,000 से अधिक शाखाओं के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण आबादी को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करा रहे हैं।

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