पटना , अक्तूबर 31 -- िहार में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा समेत सभी सुविधाएं बहाल करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को नए स्तर से विकसित किया जा रहा है। अब वीबी जीराम जी योजना के तहत आंगनबाड़ी केंदों का निर्माण कराया जा रहा है। अब इस योजना के तहत 12 लाख रुपये तक की लगत से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है।

इस पहल से इन केंद्रों पर बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की समेकित बाल विकास सेवाएं (आइसीडीएस) योजना और विकसित भारत-जी राम जी योजना के आपसी सामंजस्य (अभिसरण) में बिहार के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पूरे राज्य में कुल 6,987 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने सभी जिला पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयकों को निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि राज्य के सभी 533 ब्लॉकों और 8,050 पंचायतों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाना तय है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र भवन का क्षेत्रफल कम से कम 800 वर्ग फुट या उससे अधिक होगा। इसके विवाद-मुक्त और उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। प्राथमिकता के तौर पर ऐसे स्थलों को चुना जा रहा है जो सरकारी विद्यालय परिसर के भीतर स्थित हो, जिससे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। यदि विद्यालय परिसर में भूमि उपलब्ध नहीं होती है, तो पोषक क्षेत्र के भीतर किसी अन्य विवाद-रहित, अतिक्रमण-मुक्त सरकारी भूमि या विधि पूर्वक दान में प्राप्त भूमि पर इनका निर्माण कराया जा रहा है।

12 लाख रुपये तक की इस निर्धारित सीमा के भीतर ही निर्माण कार्य को पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा यदि जिलों में आइसीडीएस योजना (2 लाख रुपये) या वित्त आयोग (2 लाख रुपये) की राशि उपलब्ध है, तो इस राशि का उपयोग भी आंगनबाड़ी भवन के निर्माण में किया जा सकता है।

ग्रामीण विकास और सूचना एवं जन संपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा किबिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार संकल्पित है। विकसित भारत-जी राम जी के जरिए आईसीडीएस योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस 06 हजार 987 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी प्रति इकाई लागत अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये तक कर दी गई है। सरकारी विद्यालयों के परिसरों में प्राथमिकता के आधार पर बन रहे ये आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को सुरक्षित माहौल, बेहतर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ इनका निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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