पटना , अप्रैल 29 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं विज्ञान, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि राज्य से खासकर तकनीकी शिक्षा के लिए छात्रों का पलायन अब लगभग समाप्त हो गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने आज यहां आयोजित संवाददता सम्मेलन में कहा कि बिहार में अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे उन्हें यहीं बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में कुल स्वीकृत पद 3406 है, जिसके विरूद्ध कुल 1616 नियमित शिक्षक कार्यरत है तथा 906 पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जा चुकी है। इसके अलावा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल स्वीकृत पद 2480 है, जिसके विरूद्ध कुल 1001 नियमित शिक्षक कार्यरत है तथा 273 पदों पर नियुक्ति के लिये बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में अनुदेशक के पद पर नियुक्ति के लिये कुल 723 पदों एवं प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियुक्ति के लिये कुल 1093 पदों का विज्ञापन, बिहार तकनीकी सेवा आयोग के स्तर से प्रकाशित किया जा चुका है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों में सेटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है। कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कुल स्वीकृत सीटों की संख्या 14553 है। इसी प्रकार राजकीय पॉलिटेकनिक संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों की संख्या 17243 है। साथ ही कुल 10 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (एमटेक) विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 612 सीटों पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पठन-पाठन प्रारम्भ है।वर्तमान में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में कुल 33 विधाओं में पठन-पाठन का कार्य किया जा रहा है तथा राजकीय पॉलिटेकनिक संस्थानों के तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों में कुल 26 विधाओं में पठन-पाठन का कार्य किया जा रहा है।

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