जगदलपुर , फरवरी 07 -- छत्तीसगढ़ के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र के नन्हे कलाकारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष अपनी मल्लखंब कला का शानदार प्रदर्शन किया और बेहतरीन प्रस्तुति से उनका मनमोह लिया।

जगदलपुर के लालबाग मैदान में शनिवार को आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के बच्चों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लकड़ी के खंभे पर इन युवा कलाकारों द्वारा दिखाए गए असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर श्रीमती मुर्मु ने न केवल ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया, बल्कि उनके साहस और अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा भी की और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

यह सफलता कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से आने वाले इन बच्चों के अथक परिश्रम और प्रतिबद्धता का परिणाम है। एकेडमी के संस्थापक मनोज प्रसाद के मार्गदर्शन में इन बच्चों ने 'इंडियाज गॉट टैलेंट' जैसे कार्यक्रम जीतकर और 'रोमानियाज गॉट टैलेंट' में उपविजेता बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

इस टोली ने अब तक दुनियाभर में 40 से 50 से अधिक टेलीविजन शो और सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया है। अब उनका लक्ष्य 'अमेरिकाज गॉट टैलेंट' और 'ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट' जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की इस लोक कला को पहुंचाना है। यह प्रदर्शन बदलते बस्तर की वह सशक्त तस्वीर पेश करता है, जहां संघर्ष की धरती से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं।

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