नारायणपुर , जुलाई 17 -- छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले के सुदूर अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कोहकापार में पहली बार प्राथमिक शाला की शुरुआत हुई है।
जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन के 'स्कूल केइंता' अभियान के तहत शुरू किए गए इस प्रयास से ऐसे गांव में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हुई है, जहां अब तक कोई विद्यालय संचालित नहीं था।
इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता जैन दुर्गम रास्तों, नदी-नालों, पहाड़ियों और जंगलों को पार कर बाइक से गांव पहुंचीं और विद्यालय का शुभारंभ किया।
जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित कोहकापार में घर-घर शैक्षणिक सर्वेक्षण के आधार पर विद्यालय से वंचित बच्चों की पहचान कर प्राथमिक शाला प्रारंभ की गई। पहले ही दिन 21 बच्चों का नामांकन हुआ, जिनमें 11 छात्राएं और 10 छात्र शामिल हैं। कलेक्टर ने बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत कर उन्हें स्कूल बैग और पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं तथा नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने घोटूल में संचालित कक्षा में बच्चों को पढ़ाकर शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई।
सुश्री नम्रता जैन ने कहा कि 'स्कूल केइंता' अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ सहित जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। सर्वेक्षण के आधार पर ऐसे बच्चों को शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अब तक दो हजार से अधिक बच्चों का विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश कराया जा चुका है। कोहकापार में प्राथमिक शाला की स्थापना इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विद्यालय के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने 'माड़ संवाद' कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से चर्चा कर गांव में शिक्षा, आंगनबाड़ी, पोषण, स्वास्थ्य और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि केंद्र में 19 बच्चे पंजीकृत हैं और सभी नियमित रूप से उपस्थित हो रहे हैं। कलेक्टर ने बच्चों के पोषण और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीणों से आधार कार्ड, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
ग्राम पंचायत के सरपंच मनु ध्रुव ने बताया कि गांव में 25 परिवारों के लगभग 128 लोग निवास करते हैं। उन्होंने नल-जल योजना, विद्युत आपूर्ति, मोबाइल टावर तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की मांग रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कोहकापार के बच्चों का शैक्षणिक सर्वेक्षण स्कूल समन्वयक खेमा अंगारे ने किया था, जिसके आधार पर यहां विद्यालय प्रारंभ किया गया। कलेक्टर ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने में प्रशासन, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की साझा भागीदारी महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, सरपंच मनु ध्रुव, एसडीएम सुमित गर्ग, तहसीलदार विजय साहू, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे, जनपद पंचायत सीईओ अमित भाटिया, डीएमसी दीनबंधु रावटे, बीईओ संतु नुरेटी, बीआरसी लक्ष्मीकांत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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