पटना , सितंबर 09 -- िहार से वर्ष 2027 में हज यात्रा पर जाने वाले 3637 जायरीन का अंतिम चयन हो गया है। इस बार पिछले साल के मुकाबले 1111 अधिक लोगों को हज पर जाने का मौका मिला है। वर्ष 2026 में प्रदेश से 2526 जायरीन हज के लिए गए थे। अगले साल हज यात्रा अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। हालांकि, यात्रियों की रवानगी के लिए विमानों का शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार के हज यात्रियों की रवानगी पटना एयरपोर्ट के साथ गया एयरपोर्ट से भी होगी। चयनित जायरीन को कवर नंबर जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही हज यात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। चयनित यात्रियों को तय समय सीमा के भीतर यात्रा की पहली किस्त जमा करनी होगी।

वर्ष 2027 में देश के 19 एयरपोर्ट से हज यात्रियों की रवानगी होगी। इनमें पटना और गया के अलावा अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, कालीकट, कोच्चि, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कन्नूर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, श्रीनगर और विजयवाड़ा शामिल हैं। बिहार के यात्रियों के लिए पटना और गया एयरपोर्ट से हज ऑपरेशन होगा।

हज यात्रा के लिए 15 साल से कम उम्र के बच्चों को हज यात्रा की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 65 साल से अधिक उम्र के जायरीन के साथ एक अटेंडेंट का होना अनिवार्य होगा। अटेंडेंट का पूरा खर्च संबंधित यात्री को ही उठाना होगा। महिलाएं भी हज यात्रा पर जा सकती हैं, लेकिन उनके कवर में कम से कम चार लोगों का होना जरूरी है।

चयनित जायरीन को पहली किस्त के तौर पर 1 लाख 52 हजार 300 रुपये जमा करने होंगे। इसमें 300 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज शामिल है। मुस्लिम आबादी के आधार पर केंद्रीय हज कमेटी बिहार के लिए हर साल करीब 12 हजार का हज कोटा तय करती है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से बिहार का कोटा पूरा नहीं भर पा रहा है। वर्ष 2016 में सबसे अधिक 6533 जायरीन बिहार से हज पर गए थे।

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