हैदराबाद , मार्च 24 -- तेलंगाना में हैदराबाद के नगर पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार (आईपीएस) ने कहा है कि जो समाज अपने माता-पिता को भूल जाता है, वह समाज अपनी आत्मा खोना शुरू कर देता है।

तेलंगाना सरकार के "माता-पिता सहायता विधेयक" की चर्चा करते हुये श्री सज्जनार ने कहा, "जिन हाथों ने कभी हमें गिरने पर सहारा दिया था, अब उन्हें ठुकराया जा रहा है। जो माता-पिता ने हमारे लिए भूखे रहे , जिन्होंने अपना पूरा जीवन हमारे सपनों के इर्द-गिर्द बनाया, आज उन्हें न केवल घरों में, बल्कि दिलों में भी छोड़ दिया गया है। यह एक खामोश और दर्दनाक विश्वासघात है जो सबके सामने घटित हो रहा है।" उन्होंने कहा कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब करुणा लुप्त हो रही है और रिश्ते लेन-देन पर आधारित होते जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को उनके कर्तव्य की याद दिलाने का निर्णय केवल नीतिगत नहीं, बल्कि एक नैतिक हस्तक्षेप है।

नगर पुलिस आयुक्त ने कहा कि "माता-पिता सहायता विधेयक" की स्वीकृति मात्र प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि यह बढ़ते सामाजिक संकट का समाधान है। जब बच्चे असफल होते हैं, तो कानून से वह करने की अपेक्षा की जाती है जो प्रेम को स्वाभाविक रूप से करना चाहिए था। यह कानून केवल एक राज्य की नीति नहीं है, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए एक सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि सच्ची प्रगति केवल आर्थिक विकास में ही नहीं, बल्कि इस बात में निहित है कि समाज उन लोगों की देखभाल कैसे करता है जिन्होंने कभी उसकी देखभाल की थी।

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