इटावा , मई 12 -- असम में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने वाले हिमंता बिस्वा सरमा का अपनेपन का अहसास कराने में कोई सानी नहीं है।

इसका एक उदाहरण वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश के इटावा में देखने को मिला था। उस समय सरमा असम के स्वास्थ्य मंत्री हुआ करते थे। दिल्ली हावडा रेल मार्ग पर तीन जुलाई 2014 को सप्तक्रांति एक्सप्रेस से गिरने से असम की निवासी प्रतिभा पर्वत नामक युवती की मौत हो गई थी। मंत्री ने मरने वाली महिला के मासूम बेटे को अपने हाथो से गोद मे उठा कर अपनापन पेश किया, साथ ही उन्होने फौरी तौर पर पचास हजार रूपये की मदद भी बंद लिफाफे मे दी थी। इसके अलावा महिला के बेटे दिशांत की स्कूली पढाई की कराने मे भी मदद की।

इतना ही नहीं, रेल हादसे में मौत की शिकार हुई युवती के परिवार से मिलने के लिए सरमा इटावा मुख्यालय आये थे। ऐसा वाक्या बहुत ही कम देखने को मिलता है।

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