पटना , जुलाई 10 -- ेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम ने शुक्रवार को कहा कि विभाग अपनी योजनाओं का विधिवत प्रचार-प्रसार करेगा और इसकी जिम्मेदारी जिलों में कार्यरत पदाधिकारियों की होगी। मंत्री श्री राम ने आज विशेष मछुआरा दिवस के अवसर पर मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद कहा कि विभाग की कोशिश है कि डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन के माध्यम से बिहार का विकास हो। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो राज्य के बाहर से मछलियों के आयात को रोकने में कामयाब होंगे।

मंत्री ने कहा कि विभाग गांव-गांव तक पहुंचे, इसके लिए हम सतत प्रयत्नशील हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाएं धरातल पर उतरें, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत आर्द्रभूमि का विकास, तालाब मात्स्यिकी विकास, उन्नत मत्स्य अंगुलिकाओं में आत्मनिर्भरता तथा संस्थागत सुदृढ़ीकरण की योजनाओं को मुख्य रूप से चिह्नित किया गया है। बिहार गांवों का राज्य है और गांवों में ही देश और प्रदेश की आत्मा बसती है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने से निश्चित तौर पर बिहार में बेरोजगारी कम होगी, गरीबी घटेगी और पलायन रुकेगा।

श्री राम ने कहा कि राज्य में मत्स्य एवं जलीय कृषि क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद इस क्षेत्र में कई समस्याएं भी हैं, जैसे पर्याप्त अवसंरचना का अभाव। उन्होंने कहा कि मत्स्य हैचरी, फिश फार्म, फीड मिल, कोल्ड चेन, आइस प्लांट, फिश मार्केट तथा प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाओं की कमी भी विकास में बाधक रही है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में जलीय कृषि और अवसंरचना का योजनाबद्ध, कुशल एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत एक समर्पित सहकारी कंपनी बनाने के उद्देश्य से 'बिहार एक्वाकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' का गठन कर दिया गया है। इसके गठन को विगत दिनों मंत्रिपरिषद की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

इस अवसर पर विभाग के मत्स्य निदेशक तुषार सिंगला ने कहा कि विशेष मछुआरा दिवस के अवसर पर मछली पालकों के विकास के लिए सभी जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मत्स्य क्षेत्र के विकास में सरकारी पदाधिकारियों, मछुआरा वर्ग तथा समितियों का विशेष योगदान रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र का तेजी से विकास करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर बिहार राज्य मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन कुमार, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह तथा बिहार राज्य मछुआरा आयोग की सदस्य श्रीमती रेणु सिंह सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मछली पालक मौजूद थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित