अहिल्यानगर/मुंबई , जुलाई 23 -- वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है अगर जवाबदेही तय की जाती है और मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो इससे पूरी सरकार नहीं गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अगर इस्तीफा होता है तो ऐसी कार्रवाई से अन्य मंत्रियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफलता पर उन्हें अपना पद गंवाना पड़ सकता है।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सब कुछ ठीक होता है तो सरकार उसका श्रेय लेती है, लेकिन विफलता की स्थिति में जिम्मेदारी निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल देती है।
नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन देते हुए अन्ना हजारे ने यहां वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक मौन रख कर विरोध प्रदर्शन किया। श्री अन्ना हजारे ने कहा कि 2024 के साथ-साथ इस साल भी पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जबकि कथित तौर पर 22 छात्रों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि हालांकि परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी लेकिन इसके नतीजों में भी अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं।
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