चेन्नई , अक्टूबर 17 -- लगातार चुनावी हार और सत्तारूढ़ दल तमिझगा वेट्री कषगम (टीवीके) में बड़े पैमाने पर दलबदल सहित कई समस्याओं से जूझ रही विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने शनिवार को अपना 55वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया।
इस दौरान पार्टी के कद्दावर नेता और असंतुष्ट पूर्व मंत्री एस. पी. वेलुमणि ने बहिष्कार की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के एकजुटता के आह्वान का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) सहित निष्कासित नेताओं को वापस पार्टी में लाने की मांग की।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित 55वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री वेलुमणि ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि वे पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "मैं उस अन्नाद्रमुक को क्यों छोड़ूंगा जिसने मुझे राजनीति में पहचान दी?" उन्होंने विश्वास जताया कि श्री पलानीस्वामी पार्टी को एकजुट करेंगे और इसकी पुरानी ताकत को बहाल करेंगे।
श्री वेलुमणि ने कहा, "अन्नाद्रमुक को मजबूत करने के लिए सभी को एक साथ आना चाहिए। यहाँ तक कि ओपीएस को भी वापस आना चाहिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वे मानते हैं कि श्री पलानीस्वामी पार्टी को फिर से एकजुट करने के प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी संस्थापक एमजीआर और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की विरासत का अनुसरण करते हुए अन्नाद्रमुक फिर से सत्ता में वापसी करेगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी महासचिव बनने की उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है और श्री पलानीस्वामी ही इस पद पर बने रहकर पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे।
इससे पहले, श्री पलानीस्वामी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और लोकतांत्रिक तरीकों से राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का आह्वान किया। उन्होंने पार्टी की चुनावी हार और आंतरिक कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया।
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