भोपाल , मार्च 3 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के अन्नदाता ही मध्यप्रदेश के भाग्य विधाता हैं और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को लाभकारी बनाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के साथ रोजगार आधारित कृषि उद्योग विकास वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वैज्ञानिक, उन्नत एवं परिष्कृत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, वर्षा जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, उन्नत बीजों के उपयोग तथा जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना है। साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण और फसल मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है और मध्यप्रदेश खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, फल-सब्जी तथा श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण मिशन के माध्यम से सिंचाई, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी तथा फसल बीमा भुगतान जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ाकर लगभग 65 लाख हेक्टेयर किया गया है और इसे आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। केन-बेतवा एवं अन्य बहुउद्देशीय परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए सौर पंप योजना को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसान ऊर्जा उत्पादक के रूप में भी सशक्त बन सकें। डॉ यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की योजनाओं और किसानों के परिश्रम से मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और प्रदेश की समृद्धि का नया इतिहास रचेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित