नयी दिल्ली , अगस्त 28 -- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने देशभर में अनुसूचित जाति समुदायों के शैक्षिक विकास, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और संरक्षण के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी और समय पर क्रियान्वयन को मजबूत किया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मंत्रालय की ओर से नियमित समीक्षा, डिजिटल निधि प्रबंधन, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और सामाजिक लेखापरीक्षा के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय फेलोशिप, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति, उच्च स्तरीय शिक्षा, मुफ्त कोचिंग, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय), श्रेष्ठा योजना, अनुसूचित जातियों के लिए वेंचर कैपिटल फंड और कौशल विकास कार्यक्रमों सहित विभिन्न प्रमुख योजनाओं के लिए धनराशि आवंटित की गयी है।

इन योजनाओं के तहत निधियों का कार्यान्वयन और उपयोग संबंधित राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वय से किया जाता है। निधियों के निर्गमन को पूर्ण प्रस्तावों की प्राप्ति, उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने, जहां लागू हो वहां एसएनए-स्पर्श में पंजीकरण, योजना दिशानिर्देशों और निर्धारित वित्तीय मानदंडों के अनुपालन से जोड़ा गया है। इससे योजनाओं के लिए जारी धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

मंत्रालय योजनाओं के व्यय और क्रियान्वयन की नियमित आंतरिक समीक्षा करता है। इसके अलावा, योजनाओं के वास्तविक प्रभाव और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन तथा सामाजिक लेखापरीक्षा भी करायी जाती है। कार्यान्वयन में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मासिक और त्रैमासिक व्यय लक्ष्यों की भी समीक्षा की जाती है। योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविरों, क्षेत्रीय बैठकों और राष्ट्रीय सम्मेलनों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों के साथ नियमित परामर्श करता है। इस समन्वित व्यवस्था का उद्देश्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करना है।

सरकार द्वारा योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन, सोशल मीडिया अभियान तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क भी किया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना, प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करना है।

सरकार ने कहा है कि मजबूत निगरानी व्यवस्था, डिजिटल निधि प्रबंधन प्रणाली, डीबीटी, नियमित मूल्यांकन और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के साथ घनिष्ठ समन्वय के जरिए अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन पहलों का व्यापक उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों के बीच शिक्षा, सम्मान, आजीविका सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित