श्रीगंगानगर , अप्रैल 15 -- राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण-पत्र जारी करने की लंबित मांग को लेकर धाणका समाज के आह्वान पर बुधवार को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों की सभी व्यापारिक धान मंडियां बंद रहीं।

सुबह से ही दोनों जिलों की समस्त धानमंडियां पूरी तरह बंद रहीं। कृषि जिंसों की झराई-तुलाई, भराई-उतराई सहित सारी गतिविधियां थम गईं। श्रीगंगानगर जिले की सूरतगढ़, जैतसर, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर, श्रीविजयनगर, अनुपगढ़, पदमपुर, जसिंहपुर, श्रीगंगानगर, सादुलशहर, केसरीसिंहपुर और हनुमानगढ़ जिले की गोलूवाला, हनुमानगढ़ टाउन, जंक्शन, रावतसर, पीलीबंगा, संगरिया सहित सभी प्रमुख धानमंडियों में आज ताले लगे रहे। मजदूरों ने मंडी द्वारों पर धरना दिया और सभाएं आयोजित कीं। वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली।

धाणका समाज के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह कोई नई मांग नहीं है। 1976 के भारत सरकार गजट अधिसूचना में धाणका समाज को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किया गया था, लेकिन पिछले कई दशकों से अनुसूचित जनजाति की कुल 12 जातियों में से केवल कुछ आरक्षण श्रेणी के लोगों का एकाधिकार कायम हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण माफिया गिरोह ने पूरे तंत्र पर कब्जा कर लिया है, जो बाकी 11 जातियों को एसटी प्रमाण-पत्र लेने से जानबूझकर वंचित कर रहा है।

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