रायपुर , मार्च 13 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को सदन का माहौल काफी गरम रहा। उच्च शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारी चर्चा के समय सदन में मौजूद नहीं थे, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए हंगामा किया। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि सरकारी अधिकारियों की सरकार के प्रति जवाबदेही कम होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार मंत्री भी चर्चा में समय पर नहीं पहुंचते, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लगभग सभी विभागों में अफसरशाही हावी हो गई है और अधिकारियों की जवाबदेही कमजोर पड़ती जा रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रशासन को जवाबदेह बनाए।

इधर, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। इस दौरान भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बघेल ने कहा कि सरकार भाजपा की है, इसलिए व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी भी उसी की है।

प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में मादा गौवंश की संख्या, प्रजनन नीति और टीकाकरण व्यवस्था को लेकर सरकार से जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अभी तक दुग्ध उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है, जो चिंता का विषय है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि राज्य में कृत्रिम गर्भाधान के लिए उपकेंद्र और पशु औषधालय संचालित किए जा रहे हैं तथा बेहतर नस्ल विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत भी कई योजनाएं लागू की गई हैं और निजी क्षेत्र का सहयोग भी लिया जा रहा है।

चर्चा के दौरान चिराग परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए। मंत्री ने बताया कि परियोजना की प्रगति अपेक्षित नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने समीक्षा के बाद इसे बंद करने का निर्णय लिया था। इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की जाएगी।

सदन में किसानों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। रायगढ़ में बीज वितरण के दौरान बड़ी मात्रा में बीज रिजेक्ट होने को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। मंत्री ने स्वीकार किया कि किसानों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ और इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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