मुंबई , जून 29 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं विधान परिषद सदस्य अनिल परब ने महाराष्ट्र के नासिक सहित राज्य के नगर निगमों में भूखंडों के अवैध उप-विभाजन और म्हाडा आवास परियोजनाओं के लिए आरक्षित भूमि की हेराफेरी से जुड़े एक बड़े भूमि घोटाले का आरोप लगाया है।

श्री परब ने सोमवार को राज्य विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि साल 2013 से विकासकर्ताओं, स्थानीय अधिकारियों और नगर नियोजन विभाग की मिलीभगत से करोड़ों रूपये का घोटाला चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि नियमों से बचने के लिए 1981 के एक सरकारी परिपत्र का उल्लंघन करके भूमि के टुकड़ों का अवैध रूप से विभाजन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकासकर्ता म्हाडा आवास के लिए 20 प्रतिशत, खुले स्थानों के लिए 10 प्रतिशत और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए 5 प्रतिशत के अनिवार्य आरक्षण की आवश्यकताओं से बचने के लिए 4,000 वर्ग मीटर से छोटे भूखंड बना रहे हैं।

श्री परब ने कहा, "7/12 भूमि अभिलेख (सातबारा) में हेरफेर करके और आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना लेआउट मंजूरी प्राप्त कर ली जाती है। इन विकासकर्ताओं ने व्यवस्थित रूप से सार्वजनिक आरक्षण को मिटा दिया है।" उन्होंने नासिक के एक बिल्डर पिंकेश शाह के मामले का हवाला दिया, जो कथित तौर पर आवश्यकता के अनुसार म्हाडा को 164 फ्लैट सौंपने में विफल रहा।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने दावा किया कि यह धोखाधड़ी वाला तरीका राज्य के उन प्रमुख शहरों में व्यापक रूप से फैला हुआ है जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है। उन्होंने एमआरटीपी अधिनियम के तहत गहन जांच, सभी अवैध लेआउट को रद्द करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की।

राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने आरोपों का जवाब देते हुए सदन को सूचित किया कि सरकार पहले ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर चुकी है। उन्होंने कहा, "भूखंडों के अवैध उप-विभाजन में कथित संलिप्तता के लिए डिप्टी कलेक्टरों और डिप्टी तहसीलदारों सहित 49 व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये हैं।"श्री सामंत ने विधान परिषद को आश्वासन दिया कि वर्तमान में एक व्यापक जांच चल रही है और वादा किया कि 18 अगस्त तक एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी जायेगी।

विपक्ष ने मांग की है कि सरकार विकासकर्ताओं द्वारा हड़पी गई जमीन को वापस लेने की अपनी कार्ययोजना स्पष्ट करे और वर्तमान में जारी जांच में पहचाने गए सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

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