मोतिहारी , जून 15 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने अधिवक्ता के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और वाहन से दुर्घटना का प्रयास करने के मामले में एक व्यक्ति को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए कुल चार वर्ष एक माह कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

प्रथम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रसेनजीत सिंह की अदालत ने पश्चिमी चंपारण जिले के मनुआपुल थाना क्षेत्र के जोकहां निवासी सहजानंद चौधरी के पुत्र सौरभ कुमार उर्फ सौरभ चौधरी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए अलग-अलग सजा सुनाई गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं क्रमबद्ध रूप से भुगतनी होंगी, जिससे कुल सजा अवधि चार वर्ष एक माह होगी और साथ ही 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के अगरवा निवासी अधिवक्ता शम्सुर्रहमान खान ने सुगौली थाना कांड संख्या 489/2019 दर्ज कराया था। प्राथमिकी में कहा गया था कि वह एक नवंबर 2019 को अपनी पत्नी के साथ ऑल्टो कार से बेतिया जा रहे थे। छपवा चौक के पास जाम लगने पर उन्होंने अपनी गाड़ी बाईं लेन में खड़ी कर दी। इसी दौरान एक सफेद रंग की मर्सिडीज बेंज कार गलत लेन से आकर खड़ी हो गई, जिससे जाम और बढ़ गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने मर्सिडीज चालक से गलत लेन में वाहन खड़ा करने का विरोध किया तो वह नाराज हो गया। बाद में जाम खुलने के बाद फुलवरिया गांव के समीप उक्त कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपित ने सड़क पर वाहन तिरछा खड़े कर दिया और रास्ता अवरुद्ध कर गाड़ी से अधिवक्ता को खींचकर मारपीट की तथा उनकी पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। इस झगड़े में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से दोनों की जान बच सकी।

प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरोपित वाहन पर एक राजनीतिक दल का झंडा लगा हुआ था। बाद में चालक की पहचान सौरभ कुमार उर्फ सौरभ चौधरी के रूप में हुई।

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