चित्तौड़गढ़ , अगस्त 07 -- राजस्थान में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य पद पर लगातार पांचवीं बार निर्वाचित एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष चित्तौड़गढ़ जिले के निवासी सुरेश चंद्र श्रीमाली ने कहा है कि वह अधिवक्ता हितों के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

श्रीमाली ने शुक्रवार को यहां स्वागत समारोह में अपने उद्बोधन में कहा कि वह लंबे समय से अधिवक्ता हितों के लिए संघर्षरत रहे हैं और भविष्य में भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अधिवक्ता समाज के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ बार के साथ उनका विशेष आत्मीय संबंध है और बार के सहयोग, विकास एवं सशक्तीकरण के लिए वह निरंतर अपना योगदान देते रहेंगे।

उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के स्तर पर अधिवक्ता समुदाय से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और विधि व्यवसाय को और अधिक सशक्त एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जायेंगे।

कार्यक्रम में यह निर्णय भी लिया गया कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (बीसीआर) एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा समय-समय पर लागू की जा रही नवीन नीतियों एवं प्रावधानों पर अधिवक्ता समुदाय के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया जायेगा, ताकि अधिवक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं, अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम का संचालन जिला अभिभाषक संस्थान के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने किया। संस्थान अध्यक्ष नरेश शर्मा एवं कार्यकारिणी द्वारा सुरेश चंद्र श्रीमाली को अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका अभिनंदन किया गया।

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