बांकुरा , जुलाई 17 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को पिछली वाम दल और तृणमूल कांग्रेस सरकारों पर ज़ोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन सरकारों ने मज़दूरों में असंतोष, ज़बरदस्ती ज़मीन अधिग्रहण एवं उद्योग-विरोधी सोच द्वारा राज्य के औद्योगिक आधार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
बांकुरा के मेजिया में श्याम इस्पात समुह के 15,000 करोड़ रुपये के विस्तार परियोजना की आधारशिला रखने के बाद श्री अधिकारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाकर एवं रोज़गार सृजन को प्राथमिकता देकर दशकों से चले आ रहे औद्योगिक पतन को उलट रही है।
मुख्यमंत्री ने वामपंथी शासन का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि उनके 34 वर्षों के शासनकाल में हड़तालें और उग्र श्रमिक संघवाद हावी रहा, जिससे राज्य के उद्योग ठप पड़ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वामपंथी सरकार ने उद्योगों को ज़मीन वापस करने के लिए मजबूर किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने निवेश को आसान बनाने के लिए ज़मीन खरीदने की एक नयी व्यवस्था शुरू की है। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार में निवेशकों को इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ज़मीन खरीदेगी और ज़रूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे उद्योगों को सौंप देगी।"श्री अधिकारी ने कहा कि राज्य ने इस साल के बजट में औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और कहा कि बड़े पैमाने पर रोज़गार उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता वे उद्योग होंगे जो पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए रोज़गार उत्पन्न करेंगे।
श्री अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार के बाद आई सरकार ने राज्य की संभावनाओं को और कम कर दिया।
उन्होंने कहा, "वामपंथी सरकार के बाद की सरकार राज्य को 'ग्रेटर बंगलादेश' में बदलने के लिए ही आई थी। मैं बंगाल की जनता को राज्य को बचाने के लिए धन्यवाद देता हूं।"श्री अधिकारी ने हिंदी भाषी समुदायों के ख़िलाफ़ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पहले के बयानों का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अक्सर उन्हें बाहरी कहा है और दावा किया कि वह पश्चिम बंगाल को गुजरात या उत्तर प्रदेश जैसा नहीं बनने देंगी।
उन्होंने कहा, "आज देश के कुछ सबसे बड़े निवेश गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल भाषाई या क्षेत्रीय आधार पर उद्यमियों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकता है।
श्याम इस्पात परिसर की सुविधाओं की ओर इशारा करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि इसमें एक मंदिर, एक गौशाला और रवींद्रनाथ टैगोर व नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्तियां हैं, जो बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के साथ इसके जुड़ाव को दर्शाती हैं।
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