मिदनापुर , अक्टूबर 25 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में जान गंवाने वाली कल्पना जाना के परिजनों से रविवार को मुलाकात की और उन्हें मुआवजा, रोजगार में सहायता तथा लगातार सहयोग देने का आश्वासन दिया।

पूर्वी मिदनापुर के रामनगर में अपने दौरे के दौरान श्री अधिकारी ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने परिवार के बच्चों के भविष्य के बारे में भी बात की और उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होने देने के लिए सहायता का वादा किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों की शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा, "मैंने उनसे कहा कि मैं भी बच्चों के अभिभावक की तरह हूं। उन्हें किसी तरह की परेशानी होती है, तो मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा।"श्री अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस घटना में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के सभी 17 लोगों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है और शोक संतप्त परिवारों को मुआवजे की राशि सौंपेंगे। उन्होंने परिवारों से यह भी आग्रह किया कि वे रोजगार के लिए पात्र उम्मीदवारों का बायोडाटा संबंधित जिलाधिकारियों के पास जमा कराएं, ताकि उनके नामों पर विचार किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने घटना की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में शुरू कराई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले किसी कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराने का अनुरोध किया था, लेकिन कथित तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, "जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर आने की उम्मीद है। इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा और आम लोगों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार जांच समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई करेगी।" उचित जांच की मांग कर रहे परिवार के बीच इस घटना को लेकर कोलकाता के भीड़भाड़ वाले पूजा पंडाल में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

श्री अधिकारी ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों के दुख को समझते हैं, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें सहायता दे और जवाबदेही सुनिश्चित करे।

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