रांची , जुलाई 21 -- झारखंड में अधिकारियों के रवैये को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिकारियों के व्यवहार पर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने इसे केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा मुद्दा बताया।

के. राजू ने कहा कि अधिकारियों को सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिलता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भी चर्चा हो सकती है।

राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के सवाल पर के. राजू ने कहा कि पूरे मामले पर मुख्यमंत्री की नजर है और समीक्षा का निर्णय उन्हीं के स्तर पर होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायकों ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।

वहीं, कांग्रेस के बाद अब बीजेपी ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी का आरोप है कि जामताड़ा में प्रसूता रानी देवी की कथित लापरवाही से हुई मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस डरा-धमका रही है।

बीजेपी ने यह भी दावा किया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मामले में राज्य के डीजीपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन डीजीपी ने न तो उनका फोन उठाया और न ही उनके संदेश का जवाब दिया। पार्टी ने इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।

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