लखनऊ , फरवरी 19 -- उत्तर प्रदेश सरकार अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब तकनीकी समाधान की ओर बढ़ी है। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 'संचार सेतु' एप को तीन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की यह शिकायत रहती है कि अधिकारी फोन कॉल का जवाब नहीं देते। इस समस्या के समाधान के लिए संचार सेतु एप में विशेष व्यवस्था की गई है। यदि कोई अधिकारी फोन कॉल रिसीव नहीं करता है तो संबंधित कॉल की सूचना स्वतः संचार सेतु एप पर दर्ज हो जाएगी।
इसके बाद संचार सेतु की ओर से संबंधित अधिकारी को कॉल किया जाएगा। यदि अधिकारी उस कॉल का भी जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें 'डिफाल्टर अधिकारी' की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी और जनप्रतिनिधियों व आम जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को सदन में लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और शासनादेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी।
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