नयी दिल्ली , अप्रैल 24 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए व्यापार एवं कर (जीएसटी) विभाग के 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की शून्य सहनशीलता नीति सख्ती से लागू करते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ने आठ अप्रैल को आईटीओ स्थित राज्य जीएसटी कार्यालय के औचक निरीक्षण के बाद की है, जहां गंभीर खामियां और कई अधिकारी अनुपस्थित मिले थे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सीधे कार्रवाई करते हुए विभाग ने तीन सहायक आयुक्तों सहित कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष रूप से स्थानांतरित किये गये लोग वे थे, जो बहुत लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित थे। इन अधिकारियों और कर्मचारियों में 58 ग्रेड-एक अनुभाग अधिकारी, 22 ग्रेड-दो सहायक अनुभाग अधिकारी, 74 ग्रेड-तीन वरिष्ठ सहायक और पांच ग्रेड-चार कनिष्ठ सहायक शामिल हैं।

श्रीमती गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि आयुक्तों और विशेष आयुक्तों से लेकर निचले स्तर तक सभी स्तरों पर समान रूप से अनुशासन लागू किया जायेगा।

उन्होंने सभी अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है और अनुपस्थित पाये गये लोगों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने का निर्देश दिया है। श्रीमती गुप्ता ने यह चेतावनी भी दी थी कि सार्वजनिक सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जायेगी।

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