रायपुर , अगस्त 14 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संशोधित अतिथि व्याख्याता नीति 2026 के तहत रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की है।

डॉ. महंत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 का कैलेंडर जारी करते हुए एक जुलाई से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाओं में अध्यापन कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन नियमित व्याख्याताओं के रिक्त पदों के विरुद्ध अब तक अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण महाविद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्नातक स्तर के प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाएं सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित हैं। ऐसे में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में और विलंब होने से विद्यार्थियों के सामने शैक्षणिक संकट खड़ा हो सकता है।

डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण प्रदेश के महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अतिथि व्याख्याता पॉलिसी (यथा संशोधित 2026) के अनुसार रिक्त पदों पर अतिथि व्याख्याताओं के नियुक्ति आदेश शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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