रायगढ़ , अप्रैल 20 -- छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में अतिक्रमण रोकने पहुंचे वनकर्मियों पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के ग्राम खुंटापानी निवासी विजय कुमार मिंज (54) वर्तमान में परिक्षेत्र सहायक चिमटापानी, रेंज घरघोड़ा में डिप्टी रेंजर के पद पर पदस्थ हैं, अपने अधीनस्थ वन रक्षक सुभाष कुमार कर्ष के साथ चोटीगुड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1348 पीएफ, ग्राम बिच्छीनारा में जंगल भ्रमण पर गए थे। इसी दौरान दोपहर लगभग तीन बजे उन्होंने देखा कि कुछ ग्रामीण पोकलेन मशीन के माध्यम से जंगल की जमीन साफ कर अतिक्रमण की तैयारी कर रहे थे तथा पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रहे थे।
वनकर्मियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर ग्रामीणों ने बताया कि उनकी जमीन एनटीपीसी द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी है, इसलिए वे उक्त वन भूमि पर घर बनाकर रहने की तैयारी कर रहे हैं। इस पर वनकर्मियों ने दयाराम चौहान, रामप्रसाद सारथी, परखित उरांव, बलराम उरांव, प्रमोद उरांव, कुमार उरांव सहित अन्य ग्रामीणों को समझाइश देकर जंगल को नुकसान पहुंचाने से रोका।
हालांकि, समझाइश से नाराज ग्रामीण आक्रोशित हो गए और गाली-गलौज करते हुए टांगी और डंडों से लैस होकर वनकर्मियों को मारने दौड़ पड़े तथा जान से मारने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ते देख डिप्टी रेंजर और वन रक्षक वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
घटना की सूचना तत्काल कटंगडीह परिसर रक्षक सुरेंद्र सिंह सिदार को दी गई, जो मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और आक्रोशित बने रहे।
इसके बाद वनकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी और उनके निर्देश पर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शनिवार को नामजद आरोपियों सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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