पटना , मई 30 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें। डॉ. जायसवाल ने विभागीय मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गया, जहानाबाद और औरंगाबाद जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को जनहित में त्वरित एवं निष्पक्ष निर्णय लेने का निर्देश देते हुए कहा कि कानून के अनुरूप कार्रवाई कर लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यशैली में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन बाद सभी जिलों की पुनः समीक्षा की जाएगी और जिन जिलों अथवा अधिकारियों के कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है और इस लक्ष्य में बाधा बनने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, राजस्व महाअभियान, लोक शिकायत, सहयोग शिविर तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए । उन्होंने प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
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