नयी दिल्ली , मई 12 -- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने जीवीके एनर्जी के अधिग्रहण की अडानी पावर की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

आयोग ने मंगलवार को बताया कि उसने दिवाला कानून के तहत शुरू की गयी कॉर्पोरेट शोधन अक्षमता समाधान प्रक्रिया के तहत जीवीके एनर्जी के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। अडानी पावर उसकी शत-प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी।

अडानी समूह की कंपनी के पास गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में ताप ऊर्जा संयंत्रों का संचालन है। साथ ही गुजरात में उसका 40 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी है।

वहीं, जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की सहयोगी कंपनी जीवीके एनर्जी अपनी सहयोगी कंपनी एएचपीएल के माध्यम से उत्तराखंड के श्रीनगर में 330 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना में बिजली पैदा करती है। जीवीके एनर्जी एएचपीएल को संचालन और रखरखाव सेवाएं प्रदान करती है।

सीसीआई ने इसके अलावा किम्बर्ली क्लार्क कॉर्पोरेशन द्वारा केन्वू इंक के अधिग्रहण को भी स्वीकृति दी है। किम्बर्ली समूह भारत में मुख्यतः बच्चों के डायपर और महिला स्वच्छता से संबंधित उत्पाद बनाता है।

केन्वू समूह दांतों तथा त्वचा के देखभाल से संबंधित उत्पाद और सौंदर्य उत्पाद बनाता है। इनमें फेशियल, क्विंजर, माइस्चराइजर, सनस्क्रीन, वाइप और महिला स्वच्छता संबंधी उत्पाद शामिल हैं।

आयोग ने त्रिवेनी अर्थ मूवर्स द्वारा लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स की 7.14 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने और लॉयड्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन, मेटलफैब हाइटेक तथा टेक्नो इंडस्ट्रीज के लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स में विलय को भी मंजूरी दी है।

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