जयपुर , सितंबर 16 -- राजस्थान सरकार ने किसानों को तीन वर्ष से लंबित अटल भूजल योजना के तहत 156 करोड़ रूपये की देनदारियों का भुगतान करने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्र सरकार की "अटल भूजल योजना" का क्रियान्वयन राज्य के 17 जिलों में एक अप्रैल 2020 से किया जा रहा था। इसके तहत तालाब, सिंचाई पाइपलाइन, डिग्गी, कृषि यंत्र एवं फसल बदलाव मिनिकिट, फव्वारा, मिनी स्प्रिंकलर, ड्रिप आदि बनाये गये थे। केन्द्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं होने के कारण राज्य के किसानों की 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि का भुगतान नहीं किया। ऐसे में कृषि विभाग की 90.91 करोड़ रुपये तथा उद्यानिकी विभाग 66.16 करोड़ रुपये की राशि शेष रह गयी।
राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार से इन लंबित दायित्वों के भुगतान के लिए कई बार प्रयास किए। परंतु राज्य सरकार के प्रशासनिक स्वीकृति योजना देरी से जारी करने एवं केंद्र सरकार के 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का कियान्वयन नहीं किये जाने के कारण अनुदान का भुगतान करने में असमर्थता जताई।
ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदारता एवं किसानों के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए इन देनदारियों का भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीएमएफ) से करने का निर्णय लिया गया।
वित्त विभाग द्वारा अटल भूजल योजना तहत लंबित देनदारियों को एसडीएमएफ से भुगतान किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। कृषि आयुक्त, नरेश गोयल द्वारा संबंधित जिला परिषदों एवं जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन आदेश जारी कर दिए गए है तथा संबंधित जिला अधिकारियों को तत्काल सत्यापन पूर्ण कर पात्र किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया है।
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