मुंबई , मार्च 11 -- महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद अब उनके नाम पर कोई भी नयी पहल, ट्रस्ट या स्मारक शुरू करने से पहले उनके परिवार से आधिकारिक लिखित अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
राज्य के चैरिटी कमिश्नर ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं और राज्य भर के सभी सार्वजनिक संस्थानों और पंजीकरण कार्यालयों को सूचित कर दिया है। दिवंगत अजीत पवार की लोकप्रियता के कारण, कई समूहों ने उनकी याद में स्मारक बनाने, ट्रस्ट स्थापित करने, सामाजिक कार्य करने या सरकारी और अर्ध-सरकारी योजनाओं का नाम उनके नाम पर रखने के प्रयास शुरू किये थे। उचित व्यवस्था बनाए रखने और उनके नाम के किसी भी गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए पवार परिवार ने औपचारिक अनुमति प्रक्रिया शुरू करके यह बड़ा कदम उठाया है।
सुश्री सुनेत्रा पवार के विशेष कार्यकारी अधिकारी सुनीलकुमार मुसाले ने इस सिलसिले में चैरिटी कमिश्नर को एक आधिकारिक पत्र सौंपा। पत्र में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति या संगठन श्री अजीत पवार की याद में स्मारक बनाना, संस्थान स्थापित करना या सार्वजनिक कार्य करना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले पवार परिवार से लिखित अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
चैरिटी कमिश्नर ने इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य भर के सभी उप और सहायक चैरिटी कमिश्नर कार्यालयों को निर्देश भेजे गये हैं कि वे सभी सार्वजनिक संस्थानों की जानकारी के लिए अपने कार्यालय के बोर्ड पर इस संबंध में एक सूचना प्रमुखता से लगायें। इन निर्देशों के लागू होने के साथ ही, श्री अजीत पवार के नाम का उपयोग करने वाले किसी भी नये ट्रस्ट के पंजीकरण या सार्वजनिक गतिविधि को पूरा करने से पहले पवार परिवार की पूर्व सहमति लेना जरूरी होगा।
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