नयी दिल्ली , सितंबर 18 -- भारतीय फुटबॉल टीम को अजरबैजान में होने वाले पहले फीफा अंडर-15 विश्व कप और फेस्टिवल 2026 के ग्रुप 'के' में बहरीन, कैमरून, ग्रेनाडा, लाओस और सेनेगल के साथ रखा गया है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर में बाकू में आयोजित किया जाएगा।
बिबियानो फर्नांडीस की कोचिंग वाली भारत की अंडर-15 पुरुष टीम, बाकू के होवसन कॉम्पिटिशन कॉम्प्लेक्स में क्वालिफिकेशन स्टेज के दौरान तीन दिनों में पांच मैच खेलेगी। सभी फीफा सदस्य संघों के लिए खुले इस टूर्नामेंट में 191 राष्ट्रीय टीमों को 32 ग्रुप में बांटा गया है। छह कॉम्पिटिशन दिनों में 20 पिचों पर कुल 943 मैच खेले जाएंगे।
फीफा अंडर-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल 2026 की शुरुआत 24 अक्टूबर को अजरबैजान में होगी। यह टूर्नामेंट सभी आकार और अलग-अलग फुटबॉल परंपराओं वाले फीफा सदस्य संघों को ग्लोबल स्टेज पर एक प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका देगा।
यह पहला संस्करण फीफा के लिए इस प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय खेल का एक अहम हिस्सा बनाने का रास्ता साफ करेगा; लड़कियों का पहला टूर्नामेंट अगले साल के लिए तय है। इसके बाद 2028 से लड़कियों और लड़कों दोनों के टूर्नामेंट हर साल आयोजित करने की योजना है।
दिसंबर 2025 में फीफा काउंसिल द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, यह प्रतियोगिता सभी फीफा सदस्य संघों के लिए खुली है। फीफा के ग्लोबल फुटबॉल डेवलपमेंट चीफ, आर्सेन वेंगर ने टूर्नामेंट की बदलाव लाने की क्षमता पर बल देते हुए कहा, "प्रतिभा हर जगह है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को परखने के मौके हमेशा नहीं मिलते। यह टूर्नामेंट उन्हें वही मौका देने के बारे में है। दुनिया भर की टीमों को अंडर-15 लेवल पर एक साथ लाकर, हम खिलाड़ियों को अच्छे मैच दे सकते हैं, उन्हें अलग-अलग स्टाइल और फुटबॉल कल्चर से रूबरू करा सकते हैं, और कॉम्पिटिशन के ज़रिए उन्हें सीखने और आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।" वेंगर को यकीन है कि फीफा अंडर- 15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल का फ़ॉर्मेट कई टैलेंटेड लड़कों और लड़कियों की ज़िंदगी पर गहरा असर डालेगा। फ़ुटबॉल सच में युवाओं के लेवल पर दुनिया को बहुत मज़बूत तरीके से एक साथ ला सकता है। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के युवा खिलाड़ियों को एक साथ लाने से उन्हें कॉम्पिटिशन से कहीं ज़्यादा का अनुभव मिलता है, साथ ही यह मेंबर एसोसिएशन को उनके डेवलपमेंट में निवेश जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।"इस प्रतियोगिता में 8v8 का एक नया प्रारुप होगा जिसमें 20-20 मिनट के हाफ होंगे, ताकि खिलाड़ियों का डेवलपमेंट और मैच का अनुभव बेहतर हो सके। यह दिखाते हुए कि फ़ुटबॉल कैसे दुनिया को एक साथ लाता है, बाकू के होवसान कॉम्पिटिशन कॉम्प्लेक्स में छह मैच-दिनों में लगभग 1,000 मैच खेले जाएंगे। ओपनिंग मैच और टियर फ़ाइनल 30 अक्टूबर को अज़रबैजान की राजधानी के मशहूर क्रिस्टल हॉल में होंगे।
दूसरे चरण में क्वालिफकेशन-स्टेज के नतीजों के आधार पर छह परफ़ॉर्मेंस टियर होंगे। हर टीम फ़ाइनल मैच-दिन तक खेलती रहेगी, जिससे सभी हिस्सा लेने वालों को लगातार और सार्थक कॉम्पिटिटिव अनुभव मिलेगा। हर टियर के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, और टियर ए में सबसे ऊपर रहने वाली टीम को फीफा अंडर-15 वर्ल्ड कप और फेस्टिवल चैंपियन का दर्जा दिया जाएगा।
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