अजमेर , अक्टूबर 24 -- राजस्थान में अजमेर में अश्विनी मास की शरद पूर्णिमा रविवार को धार्मिक एवं औषधीय महत्व के साथ मनाई जायेगी।

श्री अजयमेरू विप्र पौरोहित्य संस्थान के अध्यक्ष पं. विवेक शर्मा ने शनिवार को बताया कि शरद पूर्णिमा पर व्रत, पूजन एवं स्नान का धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और महालक्ष्मी के पूजन का प्रावधान है। श्रद्धालु पवित्र पुष्कर सरोवर सहित कई धार्मिक जगहों पर स्नान एवं पूजन करके सुख समृद्धि की कामना करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस दिन का औषधीय महत्व भी है। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में 'औषधीय खीर' खुले आसमान के नीचे रखी जाती है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा की किरणों से अमृत बूंदों की बरसात से खीर में औषधीय गुण आ जाते है, जो श्वास, दमा, नेत्र एवं उदर जैसे रोगों में बड़े लाभकारी होते हैं।

श्री शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा रविवार को पूर्वाह्न 11.55 से शुरू होकर सोमवार सुबह नौ बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी।

उल्लेखनीय है कि इस दिन चंद्रमा की सफेद रौशनी कुछ खास होती है। यह 'चांदनी' सबको आनन्दित करती है।

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