अजमेर , अक्टूबर 16 -- राजस्थान के अजमेर में बंगाली समाज में भी दुर्गा महोत्सव की धूम है, यहां कोलकाता से आये कारीगर-कलाकारों ने मूर्ति को आकार दिया है।
अजमेर में बंगाली गली स्थित बंगाली धर्मशाला में श्री सर्वजनीन दुर्गा पूजा समिति ने 450 किलोग्राम वजनी माता की मूर्ति स्थापित की है। समिति के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दशहरे के दिन इस मूर्ति का विसर्जन होगा। श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा कर माता के दर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में समाज के 200 से ज्यादा परिवार शिरकत करते हैं। दुर्गा पूजन में बंगाली समाज अजमेर में अपनी पहचान बनाये हैं।
अजमेर के वैशाली नगर क्षेत्र में भी बंगाली संस्कृति से दुर्गा पूजन शुरू हुआ। यहां सात नदियों की मिट्टी से 11.5 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। साथ ही भगवान गणेश,लक्ष्मी, सरस्वती और कार्तिक की प्रतिमा स्थापित की है। यहां अष्टमी को 108 कमल के फूलों से श्रृंगार भी होगा।
षष्ठी पूजा के बाद तीन दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दशमी पूजा, सिंदूर दान, विसर्जन के साथ ही दुर्गा महोत्सव का समापन हो जायेगा। समाज की महिलाएं-पुरुषों और बच्चे जुलूस के रूप में माता की मूर्ति विसर्जित करने आजाद पार्क में बनाए अस्थाई कुंड जायेंगे। कोलकाता से आये पं. अमित चक्रवर्ती विशेष अनुष्ठान करवायेंगे।
उल्लेखनीय है कि अजमेर में शारदीय नवरात्रों के मौके पर मां के मंदिरों में भक्तों की भीड़ है और रात को जगह-जगह 'गरबा रास' के आयोजन चल रहे हैं।
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