जयपुर , मार्च 05 -- राजस्थान विधानसभा में स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने गुरुवार को कहा कि गत छह महीने में नगर निगम अजमेर द्वारा जारी सभी पट्टों की जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर पर की जा जाएगी और नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए जाने के प्रकरण में अजमेर नगर निगम के चार कार्मिकों को एपीओ किए जाने के आदेश आज ही जारी किए जाएंगे।

श्री खर्रा निर्दलीय विधायक विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एपीओं कार्मिकों का मुख्यालय जयपुर किया जाएगा ताकि वे किसी भी प्रकार से जांच को प्रभावित न कर सके। उन्होंने बताया कि राजस्व जमाबंदी ग्राम थोक तेलियान के खाता संख्या 480 खसरा नंबर 2227 मिन रकबा दो बीघा आठ बिसवा, 10 बिस्वांशी तथा 2227 मीन रकबा 4 बिसवा से संबंधित भूमि 1971 में नगर सुधार न्यास अजमेर द्वारा अवाप्त की जा चुकी थी।

उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए समस्त खातेदारों के सहमत ना हो पाने के कारण राजस्व रिकॉर्ड में अवाप्तशुदा भूमि नगर सुधार न्यास अजमेर के नाम नहीं हो सकी। यह भूमि खातेदार रामपाल के नाम दर्ज रही एवं तत्पश्चात विरासत से नामांतरण संख्या 1093 सात फरवरी 2019 द्वारा कानूनी वारिसों को हस्तांतरित की गई।

उन्होंने बताया कि नगर निगम अजमेर में उपलब्ध खसरा गिरदावरी अनुसार उप खसरा 2227 ए.सी.आर. आना सागर सर्कुलर योजना का भाग है जो कि नगर सुधार न्यास अजमेर द्वारा नगर निगम अजमेर को स्थानांतरित की जा चुकी है। श्री खर्रा ने कहा कि वर्ष 2020 में खसरा नंबर 2227 पर 1450 वर्ग गज का आवासीय नक्शा स्वीकृत किया गया था। तत्पश्चात प्राप्त शिकायत की जांच में भूमि कृषि भूमि पाए जाने के कारण आवासीय नक्शा निरस्त कर दिया गया था। स्वीकृत आवासीय नक्शे जारी कर निरस्त करने के संबंध में किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान में यह प्रकरण न्यायालय सिविल न्यायाधीश संख्या तीन अजमेर में लंबित है।

उन्होंने बताया कि अन्य प्रकरण पट्टा क्रमांक नगर निगम अजमेर /69/2025-26 एस. एस. एस. 129 के संबंध में आवेदक द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन आवेदन में न्यायालय के समक्ष लंबित वाद के तथ्यों को छुपाकर झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत कर पट्टा प्राप्त किया गया था। इस प्रकरण में नगर निगम अजमेर द्वारा आवेदक के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा गया है। नगर निगम अजमेर द्वारा इस पट्टे को निरस्त किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त धोखाधड़ी से पट्टा प्राप्त करने के एक प्रकरण में खसरा नंबर 2227 को खसरा नंबर 316 बता और उसका पट्टा गलत तरीके से प्राप्त कर लिया गया है। यह पट्टा भी निरस्त किया जाएगा। नियम विरुद्ध पट्टे ज़ारी करने के प्रकरण में अजमेर नगर निगम के चार कार्मिकों, उपायुक्त (विकास) कीर्ति कुमावत, वरिष्ठ प्रारुपकार सुरेश चौधरी, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) राजेश मीणा और कनिष्ठ सहायक सादिक हुसैन, के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर अजमेर को यह प्रकरण जांच के लिए सौंपा जा रहा है। उनकी देखरेख में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रैंक के एक अधिकारी द्वारा दो सप्ताह में इस पूरे प्रकरण एवं गत छह महीनों में नगर निगम द्वारा ज़ारी पट्टों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इस संबंध में आज ही निदेशक स्वायत्त शासन विभाग, जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर द्वारा जिला कलेक्टर अजमेर को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में जो भी कार्मिक दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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