अलवर , मई 30 -- राजस्थान में अलवर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कार्यरत 24 नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियनों को अचानक नौकरी से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन कर्मचारियों का चयन फरवरी 2025 में पूरे दो वर्ष के लिए किया गया था, लेकिन अनुबंध खत्म होने से पहले ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस फैसले से पीड़ित कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया।

संविदा नियोजन संघ के प्रदेशाध्यक्ष यश ने शनिवार को बताया कि वे रोज की तरह रात नौ बजे तक अस्पताल में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। ड्यूटी खत्म होने के कुछ ही देर बाद अचानक उनके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया। संदेश में लिखा था कि 'कल से नौकरी पर आने की जरूरत नहीं है'। इस अचानक आए फरमान ने सभी 24 कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है।

कर्मचारियों का कहना है कि जब चयन दो वर्ष के लिए हुआ था, तो महज कुछ महीनों में इस तरह अचानक हटाना सरासर अन्याय है। इस तानाशाही रवैये के विरोध में शनिवार को कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। यश के नेतृत्व में पीड़ित नर्सिंग ऑफिसर्स और लैब टेक्नीशियनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्रित होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

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