नयी दिल्ली , फरवरी 25 -- अग्निवीरों के पहले बैच की सेवा 2026 के आखिर में पूरी होने की संभावना के मद्देनजर भारतीय सेना ने उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर सुलभ कराने के लिए भारतीय रेल के साथ एक समझौता किया है।

अतिरिक्त सार्वजनिक सूचना महानिदेशालय ने इसकी घोषणा करते हुए इस कदम को अंतर-मंत्रालयी सहयोग के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि बताया। सेना और भारतीय रेल ने अग्निवीरों और सेना के जवानों के लिए अवकाश ग्रहण के बाद नौकरी के मौके मजबूत करने के लिए सहयोग का एक ढांचा तैयार किया है।

सेना ने कहा, 'भारतीय सेना और रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस पहल का मकसद असैनिक पेशों में आसानी से बदलाव लाना, रेलवे में नौकरी के मौकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और अवकाश प्राप्त कर रहे जवानों के लिए एक सहायता प्रणाली विकसित करना है। यह ढ़ांचा अवकाश प्राप्त सैनिकों को एक बेहतर दूसरा करियर देने और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने की एक साझी प्रतिबद्धता के तहत तैयार किया गया है।"उल्लेखनीय है कि 'अग्निपथ' भर्ती प्रक्रिया को जून 2022 में रक्षा मंत्री मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया में एक बतौर बड़े सुधार पेश किया था। इस योजना ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में युवाओं के लिए अल्पकालीन अनुबंध भर्ती प्रक्रिया शुरू किया, जो परंपरागत दीर्घकालीन सेवा भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव था। इस ढ़ांचे के तहत उम्मीदवार को चार साल के लिए भर्ती किया जाता है और उन्हें 'अग्निवीर' नाम दिया जाता है। शुरुआत में इसमें साढ़े सत्रह साल की उम्र से 21 साल की उम्र तक के लोगों को बहाल किया जाता था, बाद में ऊपरी उम्र सीमा को बढ़ाकर 23 साल कर दिया गया।

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