नासिक , सितंबर 12 -- महाराष्ट्र में नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में अगले वर्ष जनवरी में पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान लगभग आठ किलोग्राम वजन वाला 22 कैरेट स्वर्ण मुकुट विधिवत स्थापित किया जाएगा।
यह मुकुट मंदिर प्रशासन की 'पंचमुखी सुवर्णमुकुट' पहल के तहत तैयार किया गया है। इसके लिए श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के संबंध में प्रमुख अधिकारियों की एक बैठक आज जिला कलेक्टर कार्यालय में हुई। समारोह की आधिकारिक घोषणा जल्द किए जाने की उम्मीद है। स्वर्ण मुकुट की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर 12 प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंगों में से एक है और देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थस्थल है। गोदावरी नदी का उद्गम स्थल और मंदिर का धार्मिक महत्व पूरे वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। श्रावण, महाशिवरात्रि, त्र्यंबकेश्वर यात्रा और अन्य धार्मिक त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
स्वर्ण मुकुट की प्राण-प्रतिष्ठा का समारोह जनवरी में लगातार पांच दिनों तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, प्रार्थनाएं और आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। महाराष्ट्र तथा देश के अन्य हिस्सों से श्रद्धालुओं के इस समारोह में बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है।
सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 से पहले आयोजित होने वाले इस समारोह का महत्व और बढ़ गया है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। स्वर्ण मुकुट की स्थापना से मंदिर की धार्मिक भव्यता और बढ़ने की संभावना है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को मुकुट के निर्माण में भागीदार बनाने के लिए 'पंचमुखी सुवर्णमुकुट' योजना शुरू की थी। इस पहल को श्रद्धालुओं का उत्साहजनक समर्थन मिला और करीब 1,500 से 1,700 नागरिकों ने इस परियोजना के लिए योगदान दिया।
इन सभी श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी से इस मुकुट का निर्माण किया गया है। भौतिक मूल्य से परे यह मुकुट उनकी आस्था, भक्ति और सामूहिक धार्मिक समर्पण का प्रतीक है। भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और उम्मीद है कि यह आयोजन त्र्यंबकेश्वर में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बन जाएगा।
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