पटना , जून 21 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को घोषणा की कि योगाभ्यास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अगले वर्ष से राज्य के स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी स्वस्थ, अनुशासित और निरोग जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सके।मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने आज पटना स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया तथा उपस्थित जनसमूह के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी परमतेज ने मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों को योगाभ्यास कराया।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने देशवासियों और बिहारवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुंगेर की धरती विश्व में योग के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जहां देश-विदेश से लोग योग का प्रशिक्षण प्राप्त करने आते हैं और विश्वभर में योग का प्रसार करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को स्वस्थ और खुशहाल रखने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ा है।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार के विद्यालयों और महाविद्यालयों में पहले से शारीरिक प्रशिक्षण की व्यवस्था लागू है, लेकिन योग को और व्यापक बनाने के लिए अगले वर्ष से इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली विकसित होगी और योगाभ्यास को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास स्वस्थ एवं समृद्ध भारत का रास्ता खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र शैली है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा व्यक्ति तनावमुक्त और ऊर्जावान जीवन जी सकता है। उन्होंने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन सुबह टहलते हैं और योगाभ्यास करते हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि लोगों को अपनी 24 घंटे की दिनचर्या में योग के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए। नियमित योगाभ्यास जीवन को स्वस्थ और दीर्घायु बनाता है। उन्होंने कहा कि दवा या अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए बिना स्वस्थ रहने के लिए योग सबसे सरल, सुलभ और प्रभावी उपाय है। लोगों को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रतिवर्ष बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन यदि लोग नियमित योग अपनाएं तो अनेक बीमारियों से बचाव संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से लगातार 12 वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में खेल, स्वास्थ्य और युवा कल्याण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, योग प्रशिक्षक, खिलाड़ी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
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