बेंगलुरु , सितंबर 18 -- नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि अगले पांच से आठ साल में देश के नागर विमानन क्षेत्र को लगभग 1,000 हेलीकॉप्टरों की आवश्यकता होगी जो मौजूदा 250 हेलीकॉप्टरों के बेड़े से चार गुना अधिक है।
श्री नायडू ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि इससे देश में हेलीकॉप्टर और उनके पुर्जे बनाने तथा मरम्मत के लिए बहुत बड़ा अवसर है। कार्यक्रम में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (एनजी) सिविल हेलीकॉप्टर सार्वजनिक हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी पवन हंस को सौंपे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वदेशी 5.5-टन ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर देश के नागरिक हेलीकॉप्टर पारितंत्र के विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, "आज देश में लगभग 250 सिविल हेलीकॉप्टर संचालित हो रहे हैं, लेकिन देश की बढ़ती जरूरतों और क्षमताओं को देखते हुए हमें लगता है कि अगले पांच से आठ वर्षों में हमें 1,000 सिविल हेलीकॉप्टरों की आवश्यकता होगी।" उन्होंने एचएएल से डिलीवरी में तेजी लाने का आग्रह किया और कहा कि ध्रुव एनजी के लिए बाजार पहले से ही मौजूद है।
एचएएल को 10 ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर मिला है, जिनमें से चार इस कार्यक्रम में सौंपे गए। मंत्री ने कंपनी से बाकी छह हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी जल्द से जल्द करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, "अभी हेलीकॉप्टरों के लिए बहुत अच्छा बाजार है। इसलिए आप जितनी जल्दी डिलीवरी करेंगे, हम उन्हें बाजार में उतार सकेंगे।"श्री नायडू ने कहा कि ध्रुव एनजी कई कार्यों में मदद कर सकता है, जिनमें गहरे समुद्र में ऊर्जा की खोज, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, दूर-दराज के इलाकों से कनेक्टिविटी, हाईवे ऑपरेशन, धार्मिक पर्यटन, हेली-पर्यटन और सरकारी लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार संशोधित उड़ान योजना के तहत अगले दशक में लगभग 200 हेलीपैड विकसित करने की योजना बना रही है।
नागरिक और रक्षा एयरोस्पेस क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल का आह्वान करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए विकसित तकनीकों को नागरिक उड्डयन के लिए भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "जब भी हम कोई ऑर्डर देना चाहते हैं, तो नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सबसे पहले दूसरे देशों की ओर देखा जाता है। लेकिन आज, एचएएल के प्रयासों की बदौलत जब हमें किसी चीज की जरूरत होती है, तो हम सबसे पहले देश के भीतर देखने की बात करते हैं, हम एचएएल की ओर देखते हैं।"श्री नायडू ने विश्वास जताया कि जल्द ही देश में बने नागरिक विमानों का सपना भी सच होगा। उन्होंने वडोदरा में सी-295 एयरक्राफ्ट बनाने के कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह देश की विमान बनाने की बढ़ती क्षमता का पुख्ता सबूत है। मंत्री ने उड़ान योजना के तहत दुर्गम इलाकों में जहां एयरबस और बोइंग के विमान नहीं जा सकते, वहां एचएएल के डॉर्नियर उड़ान भर रहे हैं।
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