कोलकाता , जून 06 -- कोलकाता मेट्रो को आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हो गयी। इसके लिए अगले चार से पांच साल में नयी पीढ़ी के 60 मेट्रो रेक (ट्रेन के डिब्बे) शामिल किये जाएंगे।
इसकी घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां राज्य सचिवालय 'नबान्ना' में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बैठक में की। इस दौरान उन्होंने कोलकाता मेट्रो के तेज़ी से हो रहे विस्तार पर ज़ोर देते हुए बताया कि पिछले 40 वर्षों में केवल 27 किलोमीटर लाइनें जोड़ी गई थीं, जबकि पिछले 11 वर्षों में 45 किलोमीटर लाइनें जोड़ी गयी हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक प्रस्तावित पूर्व-पश्चिम समर्पित हरित माल ढुलाई गलियारा (माल ढुलाई गलियारा) का ज़िक्र करते हुए कहा कि 2,052 किलोमीटर लंबे इस रूट को भारत के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स और व्यापार की क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को रेलवे बजट में 14,205 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि आवंटित की गयी है, जिससे आने वाले समय में यात्री और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।
इस दौरान श्री अधिकारी ने चिंगरीघाटा वायाडक्ट मेट्रो पिलर गैप के 34 मीटर के निर्माण कार्य को तेज़ी से पूरा करने की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह काम 48 घंटों के भीतर पूरा कर लिया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गयी इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ-साथ पूर्वी रेलवे, दक्षिण-पूर्व रेलवे और मेट्रो रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में श्री अधिकारी ने राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव की वजह से कई विकास परियोजनाएं देर से शुरू हुईं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को अब "डबल-इंजन सरकार" का फ़ायदा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि राज्य में 61 रेलवे परियोजनाओं को पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के रेलवे अवसंरचना के काम किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य को कभी भी रेलवे निवेश से वंचित नहीं रखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के सहयोग न करने की वजह से राज्य के लोगों को विकास का पूरा फ़ायदा नहीं मिल पाया।उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार रेलवे के विस्तार के लिए ज़रूरी ज़मीन उपलब्ध कराएगी और भविष्य की विकास योजनाओं में उत्तर और दक्षिण बंगाल, दोनों पर समान ध्यान दिया जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री की बात का समर्थन करते हुए श्री वैष्णव ने पिछली राज्य सरकार पर रेलवे परियोजनाओं को रोकने के लिए बार-बार कोर्ट जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "केंद्र के पास अब बंगाल में रेलवे के विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने का इरादा और संसाधन दोनों हैं।प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए राशि आसानी से उपलब्ध हैं।"रेल मंत्री सिलीगुड़ी और दिल्ली को जोड़ने वाली एक प्रस्तावित तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गलियारा उत्तर बंगाल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा के समय को काफ़ी कम कर देगा। उम्मीद है कि बुलेट ट्रेनें यह दूरी लगभग छह घंटे में तय कर लेंगी।
रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत पूरे पश्चिम बंगाल में 102 अमृत भारत रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
सुरक्षा बेहतर करने और यातायात जाम कम करने के लिए रेलवे राज्य भर में 538 नए फ़्लाइओवर और अंडरपास बनाने की भी योजना बना रहा है।
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