मुरादाबाद, जुलाई 05 -- उत्तर प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रांतीय सचिव डॉ संतोष गुप्ता ने समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो अखिलेश यादव को पुलित्जर पुरस्कार देने और देश में 'एनआरसी पत्रकार रजिस्टर' बनाने का प्रस्ताव दिया है।

डॉ. संतोष गुप्ता ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय विवाद और मीडिया की भूमिका को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि जिस खोजी पत्रकारिता और तथ्यों को सामने लाने का काम उत्तर प्रदेश के बड़े समाचार पत्रों को करना चाहिए था, उसे श्री अखिलेश यादव ने सबसे पहले उजागर कर दिखाया , इसलिए उन्हें 'पुलित्जर इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म अवार्ड' दिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में 'एनआरसी पत्रकार रजिस्टर' (राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर) बनाने का सुझाव दिया है, जिसमें देश के सभी वैध पत्रकारों का आधिकारिक डेटा दर्ज किया जा सके। इस दोहरे प्रस्ताव पर पत्रकारिता जगत और राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां यूनियन जुड़े कुछ सदस्य पत्रकार रजिस्टर के विचार को फर्जी पत्रकारों की पहचान करने और वास्तविक मीडियाकर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उपयोगी मान रहे हैं, वहीं स्वतंत्र मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा कोई भी सरकारी या केंद्रीकृत रजिस्टर प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है।

इसके अलावा, पुलित्जर पुरस्कार की मांग को लेकर भी वरिष्ठ पत्रकार व उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के संरक्षक तुलाराम ठाकुर का तर्क है कि यह सम्मान केवल पेशेवर व स्वतंत्र पत्रकारों के जमीनी कार्यों के लिए होता है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष से जुड़े पूर्व जिलाध्यक्ष व देव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मोमराज गुर्जर ने इन सभी मांगों और आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है कि मंदिर ट्रस्ट का पूरा लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और नियमित रूप से ऑडिटेड है।

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