इटावा , मई 13 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव को लेकर सैफई में शोक और मायूसी का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि प्रतीक यादव हमेशा अपने बड़े भाई एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को राजनीति में शिखर पर देखना चाहते थे। सैफई ग्राम प्रधान रामफल वाल्मीकि ने बताया कि उनका प्रतीक यादव से बचपन से जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव (नेताजी) और साधना यादव के साथ प्रतीक अक्सर सैफई आया करते थे। पहले नेताजी, फिर साधना यादव और अब प्रतीक यादव के निधन से परिवार और गांव दोनों गहरे सदमे में हैं।

वाल्मीकि ने बताया कि नेताजी के निधन के बाद आयोजित अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी प्रतीक यादव शामिल होने सैफई आए थे। उन्होंने कहा कि प्रतीक अक्सर यह कहते थे कि उन्हें राजनीति में कोई रुचि नहीं है और उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ही राजनीति में आगे बढ़ें, यही उनकी इच्छा थी।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आर्यन यादव की शादी में भी प्रतीक यादव अपनी पत्नी अपर्णा यादव और बच्चों के साथ सैफई आए थे। उस दौरान उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें वह अखिलेश यादव के चरण स्पर्श करते दिखाई दे रहे थे।

पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष शाक्य ने कहा कि प्रतीक यादव के निधन की खबर से पूरा सैफई और यादव परिवार दुखी है। उन्होंने बताया कि नेताजी के निधन तक प्रतीक यादव सैफई में होने वाले अधिकांश पारिवारिक आयोजनों में शामिल होते रहे।

मुलायम के बड़े भाई अभयराम यादव ने बताया कि उनकी प्रतीक यादव से कई बार मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रतीक के निधन से परिवार में सदमे जैसी स्थिति है, हालांकि उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

सैफई में प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक और गैर-राजनीतिक परिवार के सदस्य लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। गांव में लोग उनसे जुड़ी स्मृतियों को याद कर शोक व्यक्त कर रहे हैं।

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